सोलह संस्कार

sixteen sacred rites of hinduism

सनातन अथवा हिन्दू धर्म की संस्कृति संस्कारों पर ही आधारित है। हमारे ऋषि-मुनियों ने मानव जीवन को पवित्र एवं मर्यादित बनाने के लिये संस्कारों का अविष्कार किया।

कर्म और भाग्य ज्योतिष की दृष्टि में

एक सर्वमान्य नियम यह है कि ‘‘नाभुक्तं क्षीयते कर्म कोटिकल्पशतैरपि।’’ अर्थात् कोई भी कर्म करोड़ो कल्प बीतने पर भी बिना भोगे नाश को प्राप्त नहीं होता।

चमत्कारी रमल ज्योतिष

चमत्कारी रमल ज्योतिष - रमल आचार्य अनुपम जौली पाँसों द्वारा प्राप्त ईश्वरीय संकेतो को समझकर उत्तर देने की विद्या, कला या विज्ञान का नाम है “रमल ज्योतिष” | भारत में इस विद्या का उद्गम भगवान शिव से हुआ और यह विद्या पूरे विश्व में फ़ैल गई | इस विद्या के संकेत भारत के अलावा अरब, [...]

ज्योतिष शिक्षण माला भाग 003

ज्योतिष शिक्षण माला भाग 3 भारतीय ज्योतिष के अनुसार राशियों के गुण धर्म   मेष राशि भौतिक लक्षण : मध्यम कद, पतला मांसल शरीर, लंबा चेरा और गर्दन, चौड़ा, मस्तक, सिर या कनपटी पर निशासन, सुदृढ़ दंतपक्ति, गोल आंखें, घुंघराले बाल। अन्य गुण : उत्तम स्वभाव और आकर्षण। सौभागशाली वर्ष : १६,२०,२८,३४,४१,४८,५१ कष्टप्रद वर्ष : […]

SRF Views on Astrology

Astrology is a true science, though only an intuitive and spiritually developed person can rightly interpret a horoscope. Self-Realization Fellowship teaches that all things in the heavens and on the earth are interrelated; the whole cosmos is one unified structure. But SRF does not teach astrology. Our guru Paramahansa Yogananda pointed out that the highest […]

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