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आचार्य अनुपम जौली के द्वारा इन्टरनेशनल स्कूल ऑफ एस्ट्रोलॉजी एण्ड डिवाईन सांइसेज संस्थान की स्थापना ज्योतिष को वैज्ञानिक आधार प्रदान करना है। यहाँ पर प्राचीन विषय जो कि लुप्त प्राय: है, को शोध द्वारा नवजीवन प्रदान करने व शैक्षणिक स्तर पर पहुँचाना है।
आचार्य अनुपम जौली ने प्राचीन रमल शास्त्र व उसके इतिहास पर शोध कार्य किया है। आज अपने संस्थान में रमल शास्त्र पूरे विश्व में सरलतम तरीके से आचार्य जी के द्वारा पढ़ाया जा रहा है।
रमल शास्त्र के अतिरिक्त वास्तु, के पी ज्योतिष पर भी आचार्य जी की पकड़ बहुत गहरी है।

(1) शास्त्री की उपाधी, अखिल भारतीय ज्योतिष संस्था संघ, नई दिल्ली, जुलाई 2000
(2) वास्तु मनीषी, इन्टरनेशनल वास्तु एसोसियेशन, सूरत, 04 नवम्बर 2001 में
(3) सम्मान व प्रशस्ती पत्र, अखिल भारतीय वेद विज्ञान सम्भाषा परिषद, मेरठ, 7 अप्रैल 2002
(4) ज्योतिष आचार्य, पी वी के पुन्नेश्वर राव (यूनिवर्सल रिसर्च इन्सटीट्यूट ऑफ अस्ट्रो एण्ड ऑकल्ड सांइसेज़) द्वारा 22 सितम्बर 2002
(5) ज्योतिष मार्तण्ड, पी वी के पुन्नेश्वर राव (यूनिवर्सल रिसर्च इन्सटीट्यूट ऑफ अस्ट्रो एण्ड ऑकल्ड सांइसेज़) द्वारा सितम्बर 2002
(6) सम्मान व प्रशस्ती पत्र, नासिक महाकुंभ पर स्वामी ज्ञानानन्द सरस्वती द्वारा दिनांक 27 अगस्त 2003
(7) आचार्य की उपाधी, अखिल भारतीय ज्योतिष संस्था संघ, नई दिल्ली जनवरी 2004
(8) सम्मान व प्रशस्ती पत्र, ज्योतिष व वास्तु अनुसंधान संस्था, भीलवाड़ा, अप्रैल 2004
(9) प्रचार्य की उपाधी, अखिल भारतीय ज्योतिष संस्था संघ, नई दिल्ली, जुलाई 2005
(10) सम्मान व प्रशस्ती पत्र डॉ राघवाचार्य द्वारा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान एवं ज्योतिष महासम्मेलन में 25 दिसम्बर 2005
(11) ज्योतिष मर्मज्ञ, फ्यूचर समाचार, नई दिल्ली, अक्टूबर 2006
(12) सम्मान व प्रशस्ती पत्र, गायत्री ज्योतिष एवं पराविज्ञान शोध संस्थान, अजमेर 9 दिसम्बर 2007
(13) ज्योतिष शिरोमणी, फ्यूचर पाइन्ट, नई दिल्ली, फरवरी 2008
(14) हिरण्याचार्य उपाधि, स्वामी ओंकार, प्रणव पीठ, कोयम्बटूर द्वारा, 31 अगस्त 2009
(15) सम्मान व प्रशस्ती पत्र, कालजयी इन्टरनेशनल परा व ज्योतिष वास्तु शोध संस्थान, नई दिल्ली, फरवरी 2010
(16) दैवज्ञ शिरोमणि की उपाधी व गोल्ड मेडल, अखिल भारतीय ज्योतिष संस्था संघ, नई दिल्ली, 19 फरवरी 2014
(17) सम्मान व प्रशस्ती पत्र, श्री जगदीश एच मकवाना, काउन्सिल जनरल, भारत, ईन्टरनेशनल सिमफोजियम ऑन इण्डियन वैदिक संाईसेज, ल्यूजर्न, स्वीटजरलैण्ड, 4 अक्टूबर 2015
(18) ज्योतिष पद्म भूषण, इण्यिन इन्सटिट्यूट ऑफ ओरियण्टल हेरिटेज, कोलकाता, 29 फरवरी 2016
(19) भारत भूषण अवार्ड, इण्यिन इन्सटिट्यूट ऑफ ओरियण्टल हेरिटेज, कोलकाता, 27 फरवरी 2016
(20) ज्योतिष महर्षी अवार्ड, कात्यायनी ज्योतिष, मुम्बई, 25 जनवरी 2016
(21) सम्मान व स्मृति चिन्ह, समत्वम्, थर्ड आई स्प्रीचुअल रिसर्च फाउण्डेशन, अहमदाबाद, 17 मार्च 2016
(22) प्रो. के. एस. कृष्णामूर्ती मेमोरियल अवार्ड, प्रो के हरिहरन, के पी एस्टेलर एस्ट्रोलाजिकल रिसर्च इन्सटीट्यूट, चेन्नई द्वारा 15 अगस्त 2016[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row]

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