अयोध्या में राम मंदिर शिलान्यास का मुहूर्त क्या होना चाहिए ?

अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन मुहूर्त को लेकर छिड़े विवाद के बीच मुहूर्त निकालने वाले काशी के विद्वान आचार्य पण्डित गणेश्वर शास्त्री द्रविड ने सारी आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है।
वृक्ष का वास्तु में महत्व

वृक्ष का वास्तु में महत्व पर्यावरण को ठीक रखने के लिए घर के आस-पास पेड़-पौधों का होना आवश्यक है। वृक्ष प्राणीमात्र का मित्र हैं। केवल बढ़ते हुए प्रदूषण को रोकने में नहीं, अपितु जलवायु एवं वातावरण के संतुलन में भी वृक्षों का योगदान सर्वोपरि है। वृक्षों की जड़, शाखा, पत्ता, छाल, फल-फूल आदि सभी चीजें […]
बौद्धिक आतंकवाद : शोषित का विद्रोह – ईंटोलरंस और हिंसा

आज का शिक्षित वर्ग एक उच्च आदर्श के ढोंग खुद के फायदे के लिए जी रहा है । समाज में समय समय पर उनके ये सन्देश दर्शाते है की उनकी एक सभ्य जिंदगी है, जिसमे बड़े अपराध उनकी उच्च जिंदगी का हिस्सा है।
सोलह संस्कार

सनातन अथवा हिन्दू धर्म की संस्कृति संस्कारों पर ही आधारित है। हमारे ऋषि-मुनियों ने मानव जीवन को पवित्र एवं मर्यादित बनाने के लिये संस्कारों का अविष्कार किया।
कर्म और भाग्य ज्योतिष की दृष्टि में

एक सर्वमान्य नियम यह है कि ‘‘नाभुक्तं क्षीयते कर्म कोटिकल्पशतैरपि।’’ अर्थात् कोई भी कर्म करोड़ो कल्प बीतने पर भी बिना भोगे नाश को प्राप्त नहीं होता।
ज्योतिष सीरीज -002

मुहूर्त के सामान्य प्रचलित नियम आचार्य अनुपम जौली वैदिक ज्योतिष में वार तथा तिथि के संयोग से बनने वाले मुहूर्तों को रोजमर्रा के काम-काज करने के लिए उपयुक्त माना जाता है। इन्हें कोई भी व्यक्ति स्वयं ही देख सकता है और इसके लिए किसी ज्योतिषी के पास जाने की भी जरूरत नहीं होती है। […]
ज्योतिष सीरीज -001

वेदांग ज्योतिष में मुहूर्त – आचार्य अनुपम जौली गणेशम् एकदन्तं च हेरम्बं विध्ननायकम्, लम्बोदर्ं शूर्पकर्णम् गजवक्त्रम् गुहाग्रजम्। नामाष्टार्थ च पुत्रस्य श्रृणु मातर्हरप्रिये, स्रोत्राणां सारभूतं च सर्वविध्न हरम् परम्।। वेदांग ज्योतिष में मुहूर्त देखने के लिए एक विशेष शाखा का निर्माण किया गया है। ज्योतिष की इस शाखा को मुहूर्त ज्योतिष कहा जाता है। मुहूर्त […]