ज्योतिष शिक्षण माला भाग – 005

मुहूर्त के मूल पांच अंग “पंचांग” व “कैलेंडर” ज्योतिष के किसी भी विषय को समझने के लिए जरुरी है कि सबसे पहले पंचांग को समझा जाये। पंचांग में तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण ये पांच होते हैं। इन पांच अंगों के मिलने से पंचांग कहलाता है। ज्योतिष ज्योतिष का अर्थ :  ज्योति + ईश आकाश […]

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