पंचांग व कंप्यूटर के बिना 2 मिनट में लग्न बताना

ज्योतिष में किसी कुंडली का सबसे अहम् स्थान है तो वह है लग्न l लग्न के जानने मात्र से हम उस व्यक्ति के बारें में कई बातें जान लेते है l वैसे तो लग्न की ज्योतिषीय परिभाषा है की किसी दिनांक विशेष, समय विशेष और स्थान विशेष पर पूर्वी क्षितिज पर में उदित राशी को लग्न कहते है l
सोलह संस्कार

सनातन अथवा हिन्दू धर्म की संस्कृति संस्कारों पर ही आधारित है। हमारे ऋषि-मुनियों ने मानव जीवन को पवित्र एवं मर्यादित बनाने के लिये संस्कारों का अविष्कार किया।
कर्म और भाग्य ज्योतिष की दृष्टि में

एक सर्वमान्य नियम यह है कि ‘‘नाभुक्तं क्षीयते कर्म कोटिकल्पशतैरपि।’’ अर्थात् कोई भी कर्म करोड़ो कल्प बीतने पर भी बिना भोगे नाश को प्राप्त नहीं होता।
Ramal Astrology is Not of Arabic Origin, It is Indian!

Jyotish or Astrology means the Vision of the Divine. Jyotish is among the six scriptures that elucidate Vedas. There are three branches of astrology. (1) Falit (findings) (2) Ganit (mathematics) (3) Siddhant (theory). Due to these three branches, astrology is called three dimensional. Using all the three dimensions together, knowledge of past, future, present, form, […]
ज्योतिष शिक्षण माला भाग – 005

मुहूर्त के मूल पांच अंग “पंचांग” व “कैलेंडर” ज्योतिष के किसी भी विषय को समझने के लिए जरुरी है कि सबसे पहले पंचांग को समझा जाये। पंचांग में तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण ये पांच होते हैं। इन पांच अंगों के मिलने से पंचांग कहलाता है। ज्योतिष ज्योतिष का अर्थ : ज्योति + ईश आकाश […]