रमल के द्वारा जातक के मन में चल रही चिन्ता का अनुमान

रमल के द्वारा जातक के मन में चल रही चिन्ता का अनुमान – आचार्य अनुपम जौली भविष्य को जानने की अनेक पद्धतियों का चलन विश्वभर में अनादिकाल से रहा है और मनुष्य किसी न किसी प्रकार से अपनी जिज्ञासा शान्त करने हेतु अनेक विद्याओं जैसे नाड़ीग्रंथ, प्रश्न ज्योतिष, शकुन विचार, कृष्णमूर्ति पद्धति, पक्षियों की सहायता […]
जीव उत्पत्ति में ग्रहों की भूमिका

ग्रहस्तु व्यापितं सर्व जगदेत्चराचरम।। यह चराचर जगत् ग्रहों से ही व्याप्त है। ग्रहों का असर मानव शरीर की उत्पत्ति में किस प्रकार कार्य करता है आईये इसी विषय पर जानने का प्रयत्न करें। जैसा कि हम जानतें है कि मानव की उत्पत्ति माँ के गर्भ में करीब नौ महीनों व कुछ दिनों की यात्रा के […]
रमल द्वारा जातक के मन में छिपे प्रश्न का संज्ञान

रमल एक प्राचीन भारतीय शास्त्र है, जिसके द्वारा प्रश्नों के उत्तर व उसके समाधान प्राप्त किये जा सकते है। साथ ही इस चमत्कारिक शास्त्र से मूक प्रश्नों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है, जो जातक प्रत्यक्ष रूप से नहीं पूछ रहा परन्तु उसके मन में चिन्ता का कारण बने हुये है। (1) […]
यन्त्र शास्त्र

तन्त्रशास्त्र कोई जादू का खेल नहीं है। वह हमें उस वैज्ञानिक पद्धति की शिक्षा देता है, जिसके द्वारा मनुष्य दैवी शक्ति का अर्जन कर सकता है। बस आवश्यकता इतनी है कि हम उसकी भाषा समझें और आदरणीय ग्रन्थों की उन विधियों को उनके सही अर्थों में उपयोग में लायें। जिस प्रकार मंत्रों में ध्वनी तरंगों […]
पूर्वजन्म, पुनर्जन्म – ज्योतिषीय विश्लेषण

पुनर्जन्म का अर्थ है- एक शरीर का त्याग करके दुबारा जन्म लेना। इसके अनेक कारण होने पर भी, प्रधानत: अपने शुभाशुभ कर्मों की वासना ही मुख्य कारण है। हिन्दु धर्म में पुनर्जन्म सिद्धान्त का एक प्रधान स्थान है। वेद-वेदाङ्ग, दर्शन, स्मृति, पुराण सर्वत्र इसे देखा जा सकता है। चार्वाक-दर्शन के अतिरिक्त और सभी दर्शन उसे […]