ज्योतिष शिक्षण माला भाग – 002

फलित ज्योतिष शिक्षा की शुरूआत के मूलभूत सिद्धांत हमारे सौरमंडल में नौ ग्रह हैं : सूर्य, चंद्र, मंगल, बंध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु तथा केतु। इनमें राहु तथा केतु छाया ग्रह हैं। ग्रहों के पथ को राशि चक्र कहते हैं। यहाँ इन ग्रहों के विविध कारकत्वों का विस्तृत वर्णन प्रस्तुत हैं: १. सूर्य – पिता, […]

ज्योतिष शिक्षण माला भाग – 001

वैदिक ज्योतिष का इतिहास एवं पृष्ठभूमि अपना भविष्य जानने की अभिलाषा मनुष्य में प्राकृतिक एवं अनिवार्य हैं, यथा। वन समाश्रिता येपि निर्ममा निष्परिग्रहा:। अपिते परिपृच्छन्ति ज्योतिषां गति कोविदम्॥ “जो सर्वसंग परित्याग कर वन का आश्रय ले चुके हैं, ऐसे राग-द्वेष शून्य, निष्परिग्रह मुनजिन-संत-महात्मा भी ज्योतिष शास्त्र वेताओं से अपना भविष्य जानने के लिए उत्सुक रहते […]

ज्योतिष सीरीज -003

जन्मपत्रिका में विभिन्न राजयोग विचार राजयोग किसी भी कुंडली में लगन से केन्द्र विभाव ष्णु स्थान कहलाते है एवं लग्र से त्रिकोण स्थान लक्ष्मी स्थान कहलाते है । जब भी इन विष्णु एवं लक्ष्मी स्थानों का संबंध अर्थात परस्पर इन भावों के स्वामी आपस में संबंध बनाते है तो राजयोग का निर्माण होता है। विष्णु […]

ज्योतिष सीरीज -002

मुहूर्त के सामान्य प्रचलित नियम

मुहूर्त के सामान्य प्रचलित नियम                                                                        आचार्य अनुपम जौली वैदिक ज्योतिष में वार तथा तिथि के संयोग से बनने वाले मुहूर्तों को रोजमर्रा के काम-काज करने के लिए उपयुक्त माना जाता है। इन्हें कोई भी व्यक्ति स्वयं ही देख सकता है और इसके लिए किसी ज्योतिषी के पास जाने की भी जरूरत नहीं होती है। […]

ज्योतिष सीरीज -001

ज्योतिष में मुहूर्त

वेदांग ज्योतिष में मुहूर्त                                                –   आचार्य अनुपम जौली गणेशम् एकदन्तं च हेरम्बं विध्ननायकम्, लम्बोदर्ं शूर्पकर्णम् गजवक्त्रम् गुहाग्रजम्। नामाष्टार्थ च पुत्रस्य श्रृणु मातर्हरप्रिये, स्रोत्राणां सारभूतं च सर्वविध्न हरम् परम्।। वेदांग ज्योतिष में मुहूर्त देखने के लिए एक विशेष शाखा का निर्माण किया गया है। ज्योतिष की इस शाखा को मुहूर्त ज्योतिष कहा जाता है। मुहूर्त […]

SRF Views on Astrology

Astrology is a true science, though only an intuitive and spiritually developed person can rightly interpret a horoscope. Self-Realization Fellowship teaches that all things in the heavens and on the earth are interrelated; the whole cosmos is one unified structure. But SRF does not teach astrology. Our guru Paramahansa Yogananda pointed out that the highest […]

Vaastu Purush Mandal

Vastu purush

Magical Grid System in ancient Indian architecture VAASTU-PURUSHA : MYTHOLOGICAL ORIGIN There is a very interesting myth associated with the origin of VAASTU-Purusha, from which we can understand as to why we should build a house according to guidelines of VAASTU SCIENCE and then perform the appropriate rituals for the VAASTU-Purusha. The VAASTU-Purusha is said […]