आत्मा के उत्थान बिना आजादी निरर्थक ।

क्या हमारे देश की मुख्य समस्या गरीबी है? यदि हाँ, तो बलात्कार, भ्रष्टाचार, हत्या, धार्मिक उन्माद, नशा, आतंकवाद इत्यादि गरीबो की देन है ?
बौद्धिक आतंकवाद : शोषित का विद्रोह – ईंटोलरंस और हिंसा

आज का शिक्षित वर्ग एक उच्च आदर्श के ढोंग खुद के फायदे के लिए जी रहा है । समाज में समय समय पर उनके ये सन्देश दर्शाते है की उनकी एक सभ्य जिंदगी है, जिसमे बड़े अपराध उनकी उच्च जिंदगी का हिस्सा है।
अँधा अँधा ठेलिया, दोनों कूप पडंत

आज बहुत से सवाल अंतर्मन में चल रहे है पाखंडी बाबाओं, पाखंडी संतो, धूर्त धर्मगुरुओ के बारे में। मुर्ख बनाने वाला भी तभी मुर्ख बना सकता है जब लोग मुर्ख बनने को तैयार हो।